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पत्र लेखन
यहाँ हम पत्र को दो भागों में बाँटते हैं -
1 - औपचारिक पत्र 2 - अनौपचारिक पत्र
औपचारिक पत्र [Formal Letter ]- जैसा की नाम से ही समझ में आ रहा है कि जिन पत्रों को लिखते समय औपचारिकता निभाई जाए, उन्हें औपचारिक पत्र कहते हैं |
जैसे - प्रधानाचार्य को पत्र या किसी समाचार के सम्पादक [Editor] को पत्र | इन पत्रों में हम केवल काम की बात ही करते हैं, निजी सवाल नहीं करते |
अनौपचारिक पत्र [ Informal Letter ]- इन पत्रों में औपचारिकता नहीं निभाई जाती | जैसे हम अपने करीबी लोगों से बात करते हैं उनका हाल-चाल पूछते हैं वह सब हम अनौपचारिक पत्र में कर सकते हैं |
जैसे - अनौपचारिक पत्र हम अपने भाई-बहन, रिश्तेदारों और दोस्तों को लिखते हैं, जिसमे हम निजी [Personal] बातें भी कर सकते हैं |
नोट - हिंदी प्रश्नपत्र- १ में कईं बार पत्र लेखन विधा पर प्रश्न पूछा जा चुका है, इसलिए इस विधा को अच्छी तरह से समझ लीजिये और पुराने प्रश्नपत्रों के प्रश्नों का अभ्यास कीजिये | ये प्रश्न ५ या प्रश्न ६ दोनों में पूछा जा सकता है |
औपचारिक पत्र का प्रारूप
[Format of Formal Letter]
- पत्र लिखनेवाले का पता [Sender's Address]
- दिनाँक [date]
- पत्र पाने वाले का पता [Receiver's Address]
- एक लाइन छोड़ें
- विषय [Subject]
- सम्बोधन [महोदय, श्रीमान, मान्यवर आदि]
- पत्र का प्रथम चरण [Introduction]
- मध्य भाग [Main body]
- अंतिम भाग [Conclusion]
- धन्यवाद [Thanking you]
- स्वनिर्देश [प्रार्थी, भवदीय आदि]
- नाम [पत्र लिखने वाले का नाम]
अनौपचारिक पत्र का प्रारूप
[Format of Informal Letter]
- पत्र लिखनेवाले का पता [Sender's Address]
- दिनाँक [date]
- एक लाइन छोड़ें
- सम्बोधन [प्रिय मित्र/ अनुज, आदरणीय दादा जी/ पिताजी आदि]
- अभिवादन [ शुभाशीष, नमस्कार, सादर चरणस्पर्श आदि]
- पत्र का प्रथम चरण [हाल-चाल पूछना]
- मध्य भाग [Main body]
- अंतिम भाग [सभी बड़े-छोटों को नमस्कार और प्यार देते हुए पत्र बंद करना |]
- अपना सम्बन्ध लिखना [तुम्हारा प्यारा मित्र, आपका पोता/बेटा]
- अपना नाम लिखना
मुझे उम्मीद है कि आप औपचारिक और अनौपचारिक पत्र के बीच का अंतर समझ गए होंगे |
इस सम्बन्ध में कोई भी समस्या हो तो मुझे अवश्य लिखें | अगले ब्लॉग में आपको इन पत्रों का एक नमूना दिया जायेगा ताकि आप उसे समझकर अपनी नोटबुक में लिख लें और आगे कभी भी पत्र लिखते समय आपको कोई समस्या न आए |
धन्यवाद,
कविता गांग्यान
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