⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬
औपचारिक पत्र
[Formal Letter]
आज के आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी का बढ़ता प्रभाव देखकर आप अत्यंत चिंतित हैं | अपने क्षेत्र के समाचारपत्र 'आज की आवाज़' के मुख्य सम्पादक को पत्र लिखकर इस समस्या की गंभीरता से अवगत करवाएँ साथ ही इस समस्या से बचने के कुछ उपाय भी सुझाएँ |
सी - 74/ एस - 4,
धारी अपार्टमेंट,
शालीमार गार्डन, गाज़ियाबाद (उ.प्र)
16 नवंबर, 2018
मुख्य संपादक,
आज की आवाज़(दैनिक पत्र),
शालीमार गार्डन,गाज़ियाबाद (उ.प्र)
विषय : टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के कारण भविष्य पर मंडराता खतरा
महोदय,
निवेदन यह है कि मेरा नाम स्पर्श कटारिया है और मैं आपके समाचारपत्र का नियमित पाठक हूँ | आपके समाचार पत्र की खासियत ये रही है कि उसमें अन्य समाचारपत्रों की तरह सिर्फ चोरी-डकैती, लूट-मार या घपलों की ख़बरें न हो कर समाज को जागरुक बनाने की कोशिश की जाती है | यही कारण है कि हमारे क्षेत्र के अधिकतर लोग इस समाचारपत्र को पढ़ते हैं | अभी हाल ही में मैंने महसूस किया कि आज की युवा पीढ़ी टेक्नोलॉजी के नाम पर अनेक यंत्रों का उपयोग करते हुए समय की बर्बादी में लगी है | आपके प्रतिष्ठित समाचारपत्र के माध्यम से मैं अपने देश के युवाओं को इस समस्या के प्रति सचेत करना चाहता हूँ |
मान्यवर, दरअसल पिछले सप्ताह मैं अपने कॉलेज के छात्रों के साथ शैक्षणिक भ्रमण के लिया कश्मीर गया था| | अपनी यात्रा के दौरान मैंने पाया कि प्रत्येक छात्र के पास मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप तथा एक से बढ़कर एक कैमरे थे | सब के सब अपने यंत्रों में व्यस्त थे | कोई भी छात्र कश्मीर की सुंदरता का आनंद नहीं ले पा रहा था | दिखने में यह बात इतनी गंभीर नहीं है पर ये भविष्य में गंभीर रूप ले सकती है |
अक्सर देखा गया है कि ये लोग अपने फ़ोन पर सन्देश लिखते हुए या गाने सुनते हुए सड़क ऐसे पार करते हैं जैसे किसी बाग़ में टहल रहे हों | ऐसे में वे खुद को कितने बड़े खतरे में डाल रहे हैं, इसका इन्हें ज़रा-सा भी अनुमान नहीं है | अब यदि लैपटॉप की बात करें तो आज की शिक्षा प्रणाली को ध्यान में रखते हुए यह एक ज़रुरत बन गया है | ज़्यादातर छात्रों के पास लैपटॉप होता ही है, पर क्या वे इसका उपयोग पढ़ाई के लिए कर रहे हैं ? इसका जवाब है नहीं | आज लैपटॉप पर वीडियो चैट, ऑनलाइन खरीदी और न जाने कितनी चीज़े की जा रही है पर जिस काम के लिए इसको खरीदा गया था, वो ही नहीं हो पा रहा है |
आज के युवाओं से मैं ये जानना चाहता हूँ कि क्या इन यंत्रों के मायाजाल से निकल पाना इतना मुश्किल है कि वे किसी घूमने की जगह, संगोष्ठी या पढ़ाई आदि को गंभीरता से नहीं ले पाते | मेरे विचार से हमें अपने जीवन का हर पल ऐसे जीना चाहिए कि हम उन पलों को भविष्य में याद करके खुश हो सकें और ये तभी संभव है जब हम अपने इन यंत्रों का सही उपयोग करें | आज का युवावर्ग काफी समझदार है इसलिए उसे खुद तय करना होगा कि ये यंत्र जो हमारी सुविधा के लिए हैं वे हमें किसी दुविधा में न दाल दे |
धन्यवाद |
भवदीय,
स्पर्श कटारिया
⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫⏫